
उम्मीद लगाये खड़े है
जग सारा यहाँ ,
पर उन्हें क्या फ़िक्र है
वो तो अपने दफ्तरों में बैठे ,
प्राइवेट क्लीनिक की सोच में डूबे हैं ।
लोग-बाग़ आ रहे हैं
चिल्ला रहे हैं ,
एक दुसरे पर अपनी खीज उतार रहे हैं ।
समुदायिक चिट्ठों की भीड़ में सबसे अलग एक ऐसा मंच जो आपको देता है तमाम विचारधाराओं के बीच संवाद का अवसर ! अपनी बात बेहिचक होकर रखें किसी भी वाद को लेकर बाध्यता नहीं है ! यहाँ विवाद की जगह संवाद का चलन है ! 50 से अधिक बेबाक लेखकों वाले इस लोकतांत्रिक मंच "जनोक्ति" के संवाद में शामिल होने के लिए मेल करें janokti@gmail.com
1 टिप्पणियाँ:
umda !
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